जब डॉक्टर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान एचएसजी टेस्ट (Hysterosalpingography – HSG) करवाने की सलाह देते हैं, तो सबसे पहले मन में यही सवाल आता है कि क्या यह कोई ऑपरेशन है? इसमें कोई कट या टांके लगेंगे क्या? या यह बहुत ज्यादा दर्दनाक होगा? आइए इस लेख में बहुत ही आसान भाषा में जानते हैं कि एचएसजी टेस्ट क्या है, यह कैसे किया जाता है और इसके क्या फायदे हैं।
एचएसजी का पूरा नाम हिस्टरोसाल्पिंगोग्राफी (Hysterosalpingography) है। यह एक प्रकार की एक्स-रे (X-ray) जांच है, जिसकी मदद से डॉक्टर को गर्भाशय (Uterus) के अंदर की स्थिति और फैलोपियन ट्यूब्स (Fallopian Tubes) के बारे में पूरी जानकारी मिलती है। इससे यह पता चलता है कि:
यूट्रस का आकार और अंदरूनी परत (Uterine Lining) कैसी है।
फैलोपियन ट्यूब्स खुली हैं या उनमें कोई ब्लॉकेज (Tube Blockage) है।
यूट्रस में कोई फाइब्रॉएड, पॉलीप या जन्मजात बनावट की समस्या तो नहीं है।
यदि आप एक साल से अधिक समय से प्रेगनेंसी प्लान कर रहे हैं और बाकी सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल होने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है।
महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक है और पिछले 6 महीनों से प्रयास करने के बाद भी प्रेगनेंसी नहीं ठहर रही है।
पेल्विक इंफेक्शन (Pelvic Infection), एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) या ट्यूबल सर्जरी का पुराना इतिहास रहा हो।
बार-बार गर्भपात (Recurrent Miscarriages) की समस्या होने पर।
यह टेस्ट आमतौर पर मासिक धर्म (Periods) खत्म होने के तुरंत बाद, यानी पीरियड्स के 6वें से 10वें दिन के बीच (ओवुलेशन से पहले) किया जाता है। इस दौरान यूट्रस की लाइनिंग साफ होती है और इन्फेक्शन का खतरा कम रहता है।
मरीज को एक्स-रे टेबल पर लेटाया जाता है।
गर्भाशय के मुंह (Cervix) के जरिए एक बहुत पतला रबर कैथेटर डालकर अंदर एक विशेष डाई (Dye) डाली जाती है।
यह डाई यूट्रस से होती हुई फैलोपियन ट्यूब्स तक जाती है।
इसके बाद कुछ मिनट के अंतराल पर एक्स-रे इमेजेस ली जाती हैं, जिससे डाई के बहाव को देखकर ट्यूब्स की स्थिति साफ पता चल जाती है।
यह एक ओपीडी (OPD) आधारित प्रोसीजर है, जिसे पूरा होने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगते हैं। इसके लिए किसी एनेस्थीसिया के इंजेक्शन, कट या टांके की जरूरत नहीं होती।
इसमें कोई बड़ा ऑपरेशन नहीं होता है, लेकिन हां, डाई जाने के बाद थोड़ा सा माइल्ड पेन या डिस्कंफर्ट (मरोड़ जैसी ऐंठन) महसूस हो सकती है, जो डॉक्टर द्वारा दी गई दर्द निवारक गोलियों से आसानी से मैनेज हो जाती है। यदि ट्यूब्स में ब्लॉकेज हो, तो कुछ महिलाओं को थोड़ा ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है।
टेस्ट के बाद 1-2 दिन तक हल्के क्रैम्प्स (पेट में मरोड़) या हल्की स्पॉटिंग हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर दवाइयां देते हैं।
कब सतर्क रहें: यदि आपको तेज बुखार, बदबूदार डिस्चार्ज या बहुत तेज और असहनीय दर्द हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
फर्टिलिटी प्लानिंग के सफर में एचएसजी टेस्ट यूट्रस और ट्यूब्स का एक भरोसेमंद ‘रोडमैप’ देता है, जिससे सही इलाज चुनने में बहुत मदद मिलती है। यदि आपके डॉक्टर ने आपको यह टेस्ट करवाने को कहा है, तो घबराएं नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित और एक रूटीन प्रक्रिया है।
क्या आप फर्टिलिटी ट्रीटमेंट या इस टेस्ट से जुड़ा कोई अन्य सवाल पूछना चाहते हैं?
Dr. Gauri Jagdale is a specialist Gynaecologist & Obstetrician with 8 years of experience, practicing at Vedant Clinic, Keshavnagar, Mundhwa. She specializes in Infertility treatment, High-Risk Pregnancy, and Cosmetic Gynaecology.
For 7 years, Vedant Clinic has served Mundhwa, Keshavnagar, Magarpatta City, Amanora City, Hadapsar, Kharadi, Wagholi, Ghorpadi, and Manjari.
From routine prenatal care to advanced fertility solutions, Dr. Gauri offers personalized medical excellence for women across Pune. Book your consultation today.