जब कोई दंपत्ति 2 से 3 साल से प्रेगनेंसी प्लान कर रहा हो और वीर्य की जांच (Semen Analysis), हॉर्मोनल टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और ओवुलेशन जैसी सभी रिपोर्ट्स बिल्कुल सामान्य होने के बावजूद गर्भधारण नहीं होता, तो डॉक्टर एक विशेष प्रक्रिया की सलाह देते हैं। इस प्रक्रिया को डायग्नोस्टिक हिस्टो-लैप्रोस्कोपी (Diagnostic Hysterolaparoscopy – DHL) कहा जाता है। नाम थोड़ा बड़ा और जटिल लगने के कारण इसे सुनकर घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन यह इनफर्टिलिटी के सही कारणों का पता लगाने और उनका इलाज करने में बेहद असरदार सर्जरी है।
यह एक ऐसी मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (Minimal Invasive Surgery) है जिसमें एक ही समय पर जांच (Diagnosis) और इलाज (Treatment) दोनों किए जाते हैं। इसमें दो प्रक्रियाएं एक साथ होती हैं:
हिस्टोस्कोपी (Hysteroscopy): इसमें एक बहुत पतला कैमरा योनि (Vagina) के रास्ते गर्भाशय (Uterus) के अंदर डाला जाता है, जिससे गर्भाशय की अंदरूनी लाइनिंग, फाइब्रॉएड, पॉलीप या सेप्टम (पर्दा) जैसी समस्याओं का पता चलता है।
लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy): इसमें नाभि के पास छोटे-छोटे कट लगाकर एक अन्य कैमरा और लाइट डाली जाती है, जिससे गर्भाशय के बाहर का हिस्सा, फैलोपियन ट्यूब्स (Fallopian Tubes) और अंडाशय (Ovaries) की स्थिति स्पष्ट होती है।
जब 2-3 साल से प्रेगनेंसी की कोशिश करने और सभी नॉर्मल रिपोर्ट्स के बाद भी गर्भधारण न हो रहा हो (Unexplained Infertility)।
एचएसजी (HSG) टेस्ट में फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने का पता चला हो या डाई आगे न बढ़ रही हो।
सोनोग्राफी में फाइब्रॉएड (Fibroid), पॉलीप (Polyp) या सेप्टम (Septum) दिखाई दे रहा हो।
एंडोमेट्रियोसिस सिस्ट (Endometriosis Cyst) की आशंका होने पर।
आईवीएफ (IVF) या आईयूआई (IUI) ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए।
यह एक डे केयर सर्जरी (Day Care Surgery) है, जिसके लिए अस्पताल में लंबे समय तक रुकने की जरूरत नहीं होती।
मरीज को बेहोश करने के लिए एनेस्थीशिया (Anesthesia) दिया जाता है।
गर्भाशय के अंदर देखने के लिए हिस्टोस्कोप और पेल्विक अंगों की जांच के लिए पेट पर 2 से 3 छोटे कट लगाकर लैप्रोस्कोपिक कैमरे डाले जाते हैं।
यदि जांच के दौरान कोई समस्या जैसे कि फाइब्रॉएड, पॉलीप, यूट्राइन सेप्टम या ट्यूब्स के एड़ेजन्स (चिपकने की समस्या) मिलती है, तो डॉक्टर उसी समय सर्जरी के दौरान उसे ठीक या रिमूव कर देते हैं।
एक ही ऑपरेशन में इलाज: इसमें अलग से दूसरी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती; डायग्नोसिस के साथ-साथ उसी सिटिंग में ट्रीटमेंट भी हो जाता है।
सटीक जानकारी: यूट्रस की बनावट, ओवरी की स्थिति और ट्यूब्स की कार्यप्रणाली की एकदम सही तस्वीर मिल जाती है।
प्रेगनेंसी के चांस बढ़ना: अंदरूनी रुकावटें और गांठें निकलने से नेचुरल या असिस्टेड प्रेगनेंसी (जैसे IVF/IUI) के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
किसी भी अन्य सर्जरी की तरह इसके भी कुछ सामान्य और दुर्लभ जोखिम हो सकते हैं, जैसे हल्का ब्लीडिंग, इन्फेक्शन, एनेस्थीशिया का प्रभाव, या बेहद दुर्लभ मामलों में आसपास के अंगों (जैसे ब्लैडर या आंत) को मामूली चोट। हालांकि, आधुनिक तकनीक के कारण यह प्रक्रिया काफी सुरक्षित मानी जाती है।
यह डे केयर प्रोसीजर होने के कारण मरीज आमतौर पर उसी दिन या अगले दिन घर लौट सकता है। आप 2 से 3 दिनों के भीतर अपने सामान्य दैनिक कामकाज और रूटीन पर वापस लौट सकते हैं। डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह और दवाइयों का पालन करने से रिकवरी बहुत जल्दी हो जाती है।
फर्टिलिटी प्लानिंग के दौरान यदि आपके डॉक्टर ने आपको डीएचएल (DHL) करवाने की सलाह दी है, तो इसके नाम से बिल्कुल न डरें। यह एक बहुत ही फायदेमंद और आधुनिक तकनीक है जो आपके पैरेंट बनने के सपने को पूरा करने में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
Dr. Gauri Jagdale is a specialist Gynaecologist & Obstetrician with 8 years of experience, practicing at Vedant Clinic, Keshavnagar, Mundhwa. She specializes in Infertility treatment, High-Risk Pregnancy, and Cosmetic Gynaecology.
For 7 years, Vedant Clinic has served Mundhwa, Keshavnagar, Magarpatta City, Amanora City, Hadapsar, Kharadi, Wagholi, Ghorpadi, and Manjari.
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