गर्मियों का मौसम आ चुका है और सूरज की तपिश अपने चरम पर है। सामान्य लोगों के लिए तो यह गर्मी भारी होती ही है, लेकिन गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) और स्तनपान कराने वाली माताओं (Breastfeeding Mothers) के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बढ़ता तापमान, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं इस दौरान आम हो जाती हैं। लेकिन घबराइए नहीं! वेदांत क्लिनिक (केशव नगर) की कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. गौरी जगदाळे ने इस वीडियो में कुछ बहुत ही आसान और असरदार टिप्स साझा किए हैं, ताकि आप अपनी प्रेगनेंसी और मदरहुड को इस समर में भी एन्जॉय कर सकें।
गर्मी में शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
कितना पिएं: दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर लिक्विड डाइट जरूर लें।
क्या पिएं: सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, ताजे फलों का जूस, और ORS को भी अपनी डाइट में शामिल करें।
चेतावनी के संकेत: अगर आपको पेशाब का रंग गहरा (Dark Urine) दिख रहा है, सिरदर्द है या चक्कर आ रहे हैं, तो यह डिहाइड्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्मी में आपके कपड़ों का चुनाव आपकी सेहत पर सीधा असर डालता है।
फैब्रिक: हमेशा सूती (Cotton) और ढीले कपड़े पहनें। इससे पसीना कम आता है और स्किन इन्फेक्शन का खतरा भी टल जाता है।
बाहर जाने का समय: कोशिश करें कि सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।
सुरक्षा किट: अगर बाहर जाना जरूरी है, तो छाता (Umbrella), सनग्लासेस और सन-हैट का इस्तेमाल जरूर करें। साथ ही, डॉक्टर की सलाह से अपनी स्किन के लिए सुरक्षित सनस्क्रीन लगाएं।
गर्मी में ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिससे पैरों में खून का बहाव बढ़ जाता है और सूजन आ जाती है।
उपाय: बैठे या लेटे समय पैरों के नीचे तकिया लगाकर उन्हें थोड़ा ऊपर रखें (Leg Elevation)। हल्की मूवमेंट और एक्सरसाइज भी इसमें मदद करती है।
अक्सर नई माताएं पूछती हैं कि क्या गर्मी में बच्चे को ऊपर से पानी देना चाहिए?
सिर्फ मां का दूध: पहले 6 महीनों तक बच्चे को पानी की जरूरत नहीं होती। मां के दूध में 60% से 80% तक पानी ही होता है, जो बच्चे की प्यास बुझाने के लिए काफी है।
मां का हाइड्रेशन: बच्चे को दूध पिलाने वाली मां को खुद 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए ताकि दूध की सप्लाई बनी रहे।
इन्फेक्शन से बचाव: पसीने की वजह से ब्रेस्ट इन्फेक्शन का खतरा रहता है। गीली ब्रा न पहनें और फीडिंग के बाद सफाई का पूरा ध्यान रखें।
बच्चे को बहुत ज्यादा कपड़ों में न लपेटें, उन्हें सूती कपड़े पहनाएं।
AC का तापमान 24°C से 26°C के बीच रखें। बच्चे को सीधे AC या पंखे की हवा के नीचे न सुलाएं।
गर्मियों में हल्का और पानी से भरपूर भोजन लें:
तरबूज (Watermelon) और खरबूजा (Muskmelon)।
नारियल पानी और ताजे जूस।
ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से बचें।
यदि आपको बहुत ज्यादा थकान, चक्कर आना, लूज मोशन, या पैरों में अचानक बहुत ज्यादा सूजन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और अपने गायनेकोलॉजिस्ट से मिलें।
निष्कर्ष: एक स्वस्थ मां का मतलब है एक स्वस्थ बच्चा। थोड़ी सी सावधानी और सही हाइड्रेशन के साथ आप इस गर्मी के मौसम को भी खुशनुमा बना सकती हैं।
Stay Happy, Stay Healthy!
क्या आपको अपनी डाइट या प्रेगनेंसी को लेकर कोई और सवाल है? कमेंट में पूछें या हमारे क्लिनिक पर विजिट करें!