प्रेगनेंसी हर महिला के जीवन का एक खूबसूरत सफर होता है, लेकिन इस सफर के साथ शरीर में कई बदलाव भी आते हैं। अक्सर महिलाएं अपने पेट, थाइस (जांघों) और ब्रेस्ट पर लाल, गुलाबी या सफेद धारियां देखकर परेशान हो जाती हैं।
क्या ये निशान हमेशा रहेंगे? क्या इन्हें मिटाया जा सकता है? डॉ. गौरी जगदाळे (Consultant Gynecologist) के इस विशेष मार्गदर्शन के आधार पर, आइए जानते हैं स्ट्रेच मार्क्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात।
मेडिकल भाषा में स्ट्रेच मार्क्स को ‘स्ट्राया ग्रेविडरम’ (Striae Gravidarum) कहा जाता है।
जब शरीर का वजन बहुत कम समय में तेजी से बढ़ता है (जैसा कि प्रेगनेंसी में होता है), तो त्वचा की अंदरूनी परत में मौजूद कोलाजन फाइबर्स (Collagen Fibers) खिंचाव के कारण टूट जाते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो त्वचा के लचीलेपन को कम कर देता है। यही कारण है कि खिंचाव होते ही त्वचा पर ये निशान पड़ जाते हैं।
शुरुआत में ये निशान लाल, गुलाबी या बैंगनी दिखते हैं, जो समय के साथ हल्के होकर सिल्वरी व्हाइट (चांदी जैसे सफेद) हो जाते हैं।
डॉ. गौरी जगदाळे के अनुसार, स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह मिटाने से बेहतर है कि उन्हें शुरू से ही मैनेज किया जाए। यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं:
कोशिश करें कि आपका वजन एकदम से न बढ़े। अगर वजन धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से बढ़ता है, तो त्वचा को ढलने का समय मिल जाता है और मार्क्स कम आते हैं।
दिन में कम से कम 2 से 3 बार अपने पेट, थाइस और ब्रेस्ट पर अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइजर लगाएं।
क्या लगाएं: कोको बटर, शिया बटर, विटामिन-ई युक्त लोशन या हाइलूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) वाले प्रोडक्ट्स काफी फायदेमंद होते हैं।
दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं। हाइड्रेटेड त्वचा अधिक लचीली (Elastic) होती है और खिंचाव को आसानी से झेल लेती है।
आपकी डाइट में प्रोटीन और विटामिन-सी की भरपूर मात्रा होनी चाहिए।
क्या खाएं: खट्टे फल (संतरा, नींबू), खजूर, नट्स, दालें, सोयाबीन और पनीर। ये चीजें त्वचा के कोलाजन को मजबूत बनाती हैं।
यह एक कड़वा सच है कि स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह से कभी खत्म नहीं होते, लेकिन वे समय के साथ इतने हल्के (Fade) हो सकते हैं कि वे ना के बराबर दिखें।
अगर आप डिलीवरी के बाद इन निशानों को कम करना चाहती हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से ये विकल्प चुन सकती हैं:
रेटिनॉल क्रीम (Retinol Creams): डिलीवरी के बाद इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेजर ट्रीटमेंट: फ्रैक्शनल लेजर (Fractional Laser) से निशानों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
माइक्रो-नीडलिंग और PRP: यह आधुनिक तकनीक निशानों को धुंधला करने में बहुत कारगर है।
विशेष सलाह: कोई भी क्रीम या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
स्ट्रेच मार्क्स आपकी ‘मदरहुड जर्नी’ की एक खूबसूरत निशानी हैं। इन्हें लेकर किसी भी तरह का तनाव या फ्रस्ट्रेशन पालने की जरूरत नहीं है। अपनी त्वचा का ख्याल रखें, स्वस्थ खाएं और इस सुखद अनुभव का आनंद लें।
Stay Healthy, Stay Happy!