प्लासेंटा लो-लाइंग: कारण, सावधानी और डिलीवरी के विकल्प
गर्भावस्था के दौरान जब एक महिला अपनी सोनोग्राफी रिपोर्ट में ‘Low-Lying Placenta’ शब्द पढ़ती है, तो मन में कई सवाल और डर पैदा हो जाते हैं। क्या इससे बच्चे को खतरा है? क्या नॉर्मल डिलीवरी हो पाएगी?
आज के इस ब्लॉग में, डॉ. गौरी जगदाळे (गाइनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सिट्रिशन) इन सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे रही हैं।
प्लासेंटा (Placenta) क्या है और इसका काम क्या है?
प्लासेंटा एक महत्वपूर्ण अंग है जो गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है। इसका मुख्य काम शिशु तक ऑक्सीजन और पोषण (Nutrition) पहुँचाना है। गर्भाशय (Uterus) में इसकी स्थिति कहीं भी हो सकती है—ऊपर (Fundal), आगे (Anterior), पीछे (Posterior) या किनारे (Lateral)।
लो-लाइंग प्लासेंटा क्या होता है?
जब प्लासेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से में, यानी बच्चेदानी के मुँह (Cervix) के पास स्थित होता है, तो इसे ‘लो-लाइंग प्लासेंटा’ कहा जाता है।
क्या लो-लाइंग प्लासेंटा ऊपर जा सकता है?
अच्छी खबर यह है कि 90% मामलों में, जैसे-जैसे गर्भावस्था आगे बढ़ती है और गर्भाशय का आकार बढ़ता है, प्लासेंटा अपने आप ऊपर की ओर खिसक जाता है।
शुरुआती दौर (12-20 सप्ताह): अगर इस समय रिपोर्ट में प्लासेंटा नीचे है, तो डरने की जरूरत नहीं है।
बाद का समय (28-32 सप्ताह): डॉक्टर आमतौर पर 28वें या 32वें हफ्ते में दोबारा स्कैन की सलाह देते हैं, जिसमें अक्सर प्लासेंटा सुरक्षित स्थिति में ऊपर मिल जाता है।
सावधानियां: किन बातों का ध्यान रखें?
अगर 32 हफ्तों के बाद भी प्लासेंटा नीचे है या आपको ब्लीडिंग/स्पॉटिंग हो रही है, तो आपको अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए:
भरपूर आराम (Rest): डॉक्टर की सलाह के अनुसार अधिकतम आराम करें।
भारी काम से बचें: झुककर काम करना या भारी वजन उठाना बिल्कुल बंद कर दें।
ट्रैवलिंग: झटके वाले सफर या बहुत अधिक भागदौड़ से बचें।
शारीरिक संबंध: इस स्थिति में सेक्सुअल इंटरकोर्स (Physical relations) से परहेज करना चाहिए।
दवाइयां: आयरन और कैल्शियम की गोलियां समय पर लें ताकि हीमोग्लोबिन बना रहे।
चेतावनी: अगर आपको अचानक बिना दर्द के ब्लीडिंग (Painless Bleeding) या स्पॉटिंग महसूस हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या नॉर्मल डिलीवरी संभव है?
डिलीवरी का तरीका प्लासेंटा की अंतिम स्थिति पर निर्भर करता है:
नॉर्मल डिलीवरी: यदि प्लासेंटा बच्चेदानी के मुँह (Cervix) से 2 सेंटीमीटर या उससे अधिक ऊपर है, तो नॉर्मल डिलीवरी सुरक्षित रूप से संभव है।
सिजेरियन (C-Section): यदि प्लासेंटा सीधे बच्चेदानी के मुँह के ऊपर है या 2 सेंटीमीटर के दायरे के भीतर है, तो सिजेरियन सेक्शन सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
निष्कर्ष
लो-लाइंग प्लासेंटा कोई गंभीर बीमारी नहीं है, बल्कि एक स्थिति है जिसे सही देखभाल और मेडिकल गाइडेंस के साथ मैनेज किया जा सकता है। सही समय पर फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड करवाएं और अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।