प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन: क्या यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) है? जानिए सच्चाई
“अक्सर महिलाएं इस सवाल को लेकर बहुत परेशान रहती हैं— ‘मुझे नीचे (प्राइवेट पार्ट में) खुजली हो रही है, क्या मुझे UTI हो गया है?’“
वेदांत क्लिनिक, केशव नगर की अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. गौरी जगदाले आज इस भ्रम को दूर कर रही हैं। यह समझना बहुत जरूरी है कि हर खुजली या जलन का मतलब यूरिन इन्फेक्शन नहीं होता। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि UTI और वजाइनल इन्फेक्शन (Vaginal Infection) में क्या अंतर है।
1. सबसे पहले, UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) क्या है?
UTI का मतलब है पेशाब के रास्ते का इन्फेक्शन। महिलाओं में यह बहुत आम है क्योंकि उनका यूरिनरी ट्रैक्ट (Urinary Tract) और वेजाइना (Vagina) बहुत पास-पास होते हैं, जिससे बैक्टीरिया आसानी से फैल सकते हैं। UTI के मुख्य लक्षण:
- पेशाब करते समय जलन (Burning Sensation) होना।
- पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
- बार-बार पेशाब आने जैसा महसूस होना, लेकिन थोड़ा ही आना।
- कभी-कभी बुखार आना या ठंड लगना।
2. तो फिर प्राइवेट पार्ट में खुजली क्यों होती है?
डॉ. गौरी बताती हैं कि सिर्फ खुजली होना UTI का सीधा लक्षण नहीं है। अगर आपको प्राइवेट पार्ट में खुजली हो रही है, तो इसके कारण कुछ और हो सकते हैं:
- वजाइनल इन्फेक्शन (Vaginal Infection): यह फंगल इन्फेक्शन (Yeast Infection) या बैक्टीरियल वेजाइनोसिस (Bacterial Vaginosis) हो सकता है। इसमें खुजली के साथ-साथ सफेद पानी (White Discharge) भी आ सकता है।
- एलर्जी (Allergy): कई बार हम नया साबुन, डिटर्जेंट, या इंटिमेट वॉश (Intimate Wash) इस्तेमाल करते हैं, जो हमारी स्किन को सूट नहीं करता और एलर्जी हो जाती है।
- हार्मोनल बदलाव: मेनोपॉज (Menopause) या प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन्स बदलने से भी वहां खुजली या सूखापन (Dryness) हो सकता है।
3. डॉक्टर की सलाह: खुद डॉक्टर न बनें
अक्सर महिलाएं शर्म के मारे घर पर ही क्रीम या दवाइयां इस्तेमाल करने लगती हैं, यह सोचकर कि यह UTI है। डॉ. गौरी सलाह देती हैं:
“अगर आपको खुजली हो रही है, तो खुद से UTI का इलाज शुरू न करें। यह फंगल इन्फेक्शन या एलर्जी भी हो सकती है, जिसका इलाज अलग होता है।”
सही जांच के लिए अपनी गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलें, ताकि सही कारण जानकर उसका जड़ से इलाज किया जा सके।
निष्कर्ष
खुजली और UTI दोनों अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं। अपनी सेहत के साथ रिस्क न लें। सही जानकारी और सही इलाज ही आपको स्वस्थ रखेगा।
“स्टे हैप्पी, स्टे हेल्दी, स्टे कॉन्फिडेंट!”