TVS Ultrasound क्या है? क्या प्रेग्नेंसी में ट्रांसवजाइनल स्कैन करवाना सुरक्षित है?

TVS Ultrasound क्या है? क्या प्रेग्नेंसी में ट्रांसवजाइनल स्कैन करवाना सुरक्षित है?

क्या आपके डॉक्टर ने आपको Transvaginal Sonography (TVS) करवाने की सलाह दी है? यह नाम सुनकर अक्सर महिलाएं घबरा जाती हैं। “क्या इसमें दर्द होगा?”, “क्या यह मेरी शुरुआती प्रेग्नेंसी के लिए सुरक्षित है?”, “यही टेस्ट क्यों?

अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल हैं, तो यह ब्लॉग खास आपके लिए है। डॉ. गौरी जगदाळे (वेदांत क्लिनिक, पुणे) के वीडियो पर आधारित इस जानकारी में हम टीवीएस स्कैन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को आसान भाषा में समझेंगे।

TVS स्कैन आखिर होता क्या है?

सामान्य अल्ट्रासाउंड (USG) पेट के ऊपर से किया जाता है, लेकिन TVS (Transvaginal Sonography) में एक बहुत ही पतला और छोटा सा प्रोब (एक छड़ी जैसा उपकरण) वजाइना के जरिए अंदर डाला जाता है।

  • प्रक्रिया: इस प्रोब पर एक साफ़-सुथरा (Sterile) कवर और जेल लगाया जाता है।

  • गहराई: यह लगभग 5 सेंटीमीटर तक अंदर जाता है।

  • समय: इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 10 से 15 मिनट लगते हैं।

क्या TVS में दर्द होता है? (सबसे बड़ा डर)

डॉ. गौरी के अनुसार, टीवीएस बिल्कुल भी दर्दनाक नहीं होता। हाँ, प्रोब इंसर्ट करते समय आपको थोड़ा सा डिसकंफर्ट (असहजता) महसूस हो सकता है, लेकिन यह असहनीय नहीं होता। डॉक्टर इसे बहुत ही सावधानी और जेंटल तरीके से करते हैं।

डॉक्टर TVS करवाने की सलाह क्यों देते हैं?

कई बार पेट के ऊपर से किए जाने वाले स्कैन (Abdominal Scan) में नीचे के अंगों की तस्वीर साफ नहीं आती। टीवीएस के मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:

  1. अर्ली प्रेग्नेंसी (5-7 हफ्ते): जब बच्चा बहुत छोटा होता है, तो उसकी सही लोकेशन और धड़कन (Heartbeat) देखने के लिए टीवीएस सबसे बेहतरीन जरिया है।

  2. एक्टोपिक प्रेग्नेंसी: अगर बच्चा गर्भाशय (Uterus) के बाहर कहीं ठहर गया है, तो उसकी सही पहचान टीवीएस से ही हो पाती है।

  3. ओवरी और गर्भाशय की जांच: पीसीओएस (PCOS), ओवेरियन सिस्ट या छोटे फाइब्रॉइड्स को देखने के लिए यह स्कैन ज्यादा सटीक है।

  4. इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट: अगर आप बेबी प्लान कर रहे हैं, तो फॉलिकुलर स्टडी (अंडों की ग्रोथ देखने) के लिए भी यह टेस्ट किया जाता है।

  5. गैस या ओबेसिटी: अगर पेट में गैस ज्यादा है या वजन अधिक है, तो पेट के ऊपर वाला स्कैन साफ नहीं आता, तब टीवीएस ही काम आता है।

क्या यह प्रेग्नेंसी में सुरक्षित है?

“क्या इससे मेरे बच्चे को नुकसान होगा?” – यह हर मां का सबसे बड़ा डर है।”

इसका जवाब है— नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित है। * इसमें किसी भी प्रकार का हानिकारक रेडिएशन नहीं होता।

  • यह बच्चे को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाता।

  • उल्टा, शुरुआती हफ्तों में बच्चे की सेहत की सही जानकारी के लिए टीवीएस ही सबसे विश्वसनीय तरीका है।

टीवीएस के लिए तैयारी कैसे करें?

  • घबराएं नहीं, शांत रहें।

  • डॉक्टर आपको पैर मोड़ने (Legs flex) के लिए कहेंगे ताकि प्रक्रिया आसानी से हो सके।

  • इस टेस्ट के लिए पेट के ऊपर वाले स्कैन की तरह बहुत ज्यादा पानी पीने या ब्लैडर फुल रखने की जरूरत नहीं होती।

निष्कर्ष

ट्रांसवजाइनल सोनोग्राफी एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है जो आपकी और आपके बच्चे की बेहतर सेहत के लिए की जाती है। अगर आपके डॉक्टर ने इसकी सलाह दी है, तो बिना किसी डर के इसे करवाएं।

स्वस्थ रहें, खुश रहें!