प्रेगनेंसी में सेक्स: डरें नहीं, सही जानकारी रखें!

प्रेगनेंसी में सेक्स: डरें नहीं, सही जानकारी रखें!

प्रेगनेंसी में संबंध (Physical Relation) बनाना सही है या गलत? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

1. प्रेगनेंसी के तीन चरण और शारीरिक संबंध

डॉ. गौरी ने प्रेगनेंसी को तीन हिस्सों में बांटकर इसे समझाया है:

पहला ट्राइमेस्टर (1st – 3rd Month):

यह समय बहुत ही नाजुक होता है। बच्चा बहुत छोटा होता है और शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण गर्भाशय का मुख (Cervix) बहुत कोमल होता है।

  • सलाह: इस दौरान संबंध बनाने से ब्लीडिंग और अबॉर्शन (Miscarriage) का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शुरुआती 3 महीनों में इसे अवॉइड (Avoid) करना ही बेहतर है।

दूसरा ट्राइमेस्टर (4th – 6th Month):

इसे प्रेगनेंसी का ‘हनीमून फेज’ कहा जाता है। इस दौरान आप सुरक्षित महसूस करते हैं और मॉर्निंग सिकनेस भी कम हो जाती है।

  • सलाह: इस फेज में आप सेफली शारीरिक संबंध बना सकते हैं। इससे आमतौर पर बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

तीसरा ट्राइमेस्टर (7th – 9th Month):

  • 7वां और 8वां महीना: इस समय बच्चा प्री-टर्म (समय से पहले) होता है। संबंध बनाने से कभी-कभी ‘प्री-टर्म लेबर’ (समय से पहले डिलीवरी) का रिस्क हो सकता है। इसलिए यहाँ सावधानी जरूरी है।
  • 9वां महीना: इस दौरान संबंध बनाने से सीमेन में मौजूद एंजाइम्स लेबर पेन शुरू करने में मदद कर सकते हैं, जो डिलीवरी के लिए सहायक हो सकता है।

2. किन स्थितियों में बिल्कुल भी संबंध न बनाएं? (Red Flags)

डॉ. गौरी के अनुसार, यदि आपकी प्रेगनेंसी में नीचे दी गई स्थितियां हैं, तो आपको संबंध बनाने से पूरी तरह बचना चाहिए:

  1. मिसकैरेज का इतिहास: अगर आपका पहले कभी अबॉर्शन हुआ हो।
  2. ब्लीडिंग: अगर प्रेगनेंसी के दौरान आपको कभी भी खून के धब्बे (Spotting) दिखे हों।
  3. प्लासेंटा प्रीविया (Low Lying Placenta): अगर बच्चे की आवल (Placenta) गर्भाशय के मुंह के पास या नीचे की तरफ है।
  4. प्री-टर्म डिलीवरी का रिस्क: अगर आपकी पिछली डिलीवरी समय से पहले हुई हो।
  5. इन्फेक्शन: अगर पति या पत्नी दोनों में से किसी को भी कोई प्राइवेट पार्ट इन्फेक्शन है।

3. जरूरी सावधानियां और डॉक्टर की सलाह

अगर आपकी प्रेगनेंसी नॉर्मल है और आप संबंध बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • कंफर्टेबल पोजीशन: हमेशा ऐसी पोजीशन का चुनाव करें जो महिला के लिए आरामदायक हो और पेट पर दबाव न डाले।
  • इन्फेक्शन से बचें: साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
  • डॉक्टर से पूछें: अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से ‘क्लीयरेंस’ जरूर लें।
  • चेतावनी: यदि संबंध बनाने के दौरान या बाद में तेज दर्द या ब्लीडिंग हो, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी में शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह से आपकी मेडिकल कंडीशन पर निर्भर करता है। डरें नहीं और न ही शरमाएं; अपनी डॉक्टर से खुलकर बात करें।

“स्टे हेल्दी, स्टे हैप्पी और अपनी प्रेगनेंसी को एंजॉय करें!”

डॉ. गौरी जगदाळे से संपर्क करें

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