प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने में भूलकर भी न करें ये गलतियाँ!

प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने में भूलकर भी न करें ये गलतियाँ!

प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने: क्या खाएं, क्या न करें और अबॉर्शन के रिस्क से कैसे बचें?

1. प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद पहला कदम

जैसे ही आपकी पीरियड्स की डेट मिस हो और घर पर किया गया टेस्ट पॉजिटिव आए, तो सबसे पहले:

  • डॉक्टर से मिलें: अपनी गाइनेकोलॉजिस्ट के साथ तुरंत अपॉइंटमेंट शेड्यूल करें।
  • फोलिक एसिड (Folic Acid): डॉक्टर आपको फोलिक एसिड की गोलियां शुरू करेंगे। यह विटामिन बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी के विकास (Neural Tube Defects) के लिए अनिवार्य है।
  • शुरुआती जांच: डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच और कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट की सलाह देंगे।

2. पहली सोनोग्राफी (Ultrasound) कब और क्यों?

डॉ. गौरी के अनुसार, पहली सोनोग्राफी 7वें से 9वें हफ्ते के बीच करानी चाहिए। इसके दो मुख्य कारण हैं:

  1. लोकेशन जानना: यह सुनिश्चित करना कि प्रेगनेंसी गर्भाशय (Uterus) में ही है, कहीं बाहर (Ectopic Pregnancy) तो नहीं।
  2. दिल की धड़कन (Heartbeat): बच्चे के दिल की धड़कन आमतौर पर 6 से 7 हफ्ते में आ जाती है।

3. पहले 3 महीनों के लिए बेस्ट डाइट (Diet Tips)

बच्चे के सही विकास के लिए आपका खान-पान पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए:

  • प्रोटीन रिच फूड: सोयाबीन, दालें, पनीर, दूध और दही को डाइट में शामिल करें।
  • नॉन-वेज: अगर आप मांसाहारी हैं, तो अंडे और चिकन का सेवन कर सकती हैं।
  • फोलिक एसिड युक्त चीजें: हरी पत्तेदार सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स खाएं।
  • हाइड्रेशन: दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं। इससे आपका ब्लड प्रेशर और हाइड्रेशन लेवल मेंटेन रहता है।
  • फल: रोजाना कम से कम एक ताज़ा मौसमी फल जरूर खाएं।

4. प्रेगनेंसी के शुरुआती सामान्य लक्षण

हार्मोनल बदलाव के कारण आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं, जो कि पूरी तरह नॉर्मल हैं:

  • जी मिचलाना और उल्टी (Morning Sickness)।
  • बार-बार यूरिन आना और थकान महसूस होना।
  • ब्रेस्ट में भारीपन या हल्का दर्द।
  • मूड स्विंग्स और पेट में हल्के क्रैम्प्स।

5. भूलकर भी न करें ये गलतियां (Precautions)

अबॉर्शन के रिस्क को कम करने के लिए इन बातों का सख्ती से पालन करें:

  • सेल्फ मेडिकेशन (Self Medication) से बचें: बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरदर्द या बुखार की दवा न लें। इसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता है।
  • भारी एक्सरसाइज न करें: रनिंग, डांसिंग, जुंबा या बहुत अधिक ट्रैवलिंग (खासकर एयर ट्रैवल) से बचें।
  • बुरी आदतों को छोड़ें: स्मोकिंग और अल्कोहल बच्चे के लिए बहुत खतरनाक हैं। पैसिव स्मोकिंग (दूसरों के धुएं) से भी दूर रहें।
  • चेतावनी के संकेत: अगर तेज पेट दर्द, ब्लीडिंग या बहुत ज्यादा उल्टियां हो रही हों, तो इसे इग्नोर न करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी का पहला पड़ाव सावधानी और खुशहाली का मेल होना चाहिए। नकारात्मक विचारों से दूर रहें, सकारात्मक माइंडसेट रखें और अपनी सेहत का ख्याल रखें।

“एंजॉय योर प्रेगनेंसी। स्टे हेल्दी एंड स्टे हैप्पी!”

 

डॉ. गौरी जगदाळे से परामर्श लें

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