Heavy Periods और पेट दर्द का कारण Bulky Uterus तो नहीं? | Adenomyosis Explained
सोनोग्राफी में आया ‘बच्चेदानी में सूजन’? घबराएं नहीं, जानिए इसका सही मतलब और इलाज
अक्सर महिलाएं रूटीन चेकअप या पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास जाती हैं और सोनोग्राफी रिपोर्ट में एक लाइन देखकर डर जाती हैं— “Bulky Uterus” या “बच्चेदानी में सूजन”।
क्या यह कैंसर है? क्या अब ऑपरेशन ही एक रास्ता है? वेदांत क्लिनिक, केशव नगर की डॉ. गौरी जगदाले (Gynecologist & Obstetrician) कहती हैं कि घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। मेडिकल भाषा में इसे एडेनोमायोसिस (Adenomyosis) कहते हैं।
आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह क्या है और इसका इलाज कैसे होता है।
1. आखिर यह एडेनोमायोसिस (Adenomyosis) क्या है?
डॉ. गौरी समझाती हैं कि हमारा गर्भाशय (Uterus) मांसपेशियों से बना होता है।
गर्भाशय के अंदर एक परत (Lining) होती है जिसे एंडोमेट्रियम (Endometrium) कहते हैं। यही परत हर महीने पीरियड्स के रूप में बाहर आती है।
समस्या तब होती है जब यह परत (Lining) गर्भाशय की मांसपेशियों (Muscles) के अंदर घुसकर बढ़ने लगती है।
इससे गर्भाशय की दीवारें मोटी हो जाती हैं और उसका आकार बढ़ जाता है। इसी को आम भाषा में “बच्चेदानी की सूजन” कहा जाता है।
2. यह किसे और क्यों होता है?
हालांकि इसका कोई एक ठोस कारण (Exact Cause) नहीं है, लेकिन डॉ. गौरी के अनुसार यह इन महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है:
उम्र: 30 से 50 साल की महिलाओं में यह आम है।
सर्जरी: जिनका पहले कभी सिजेरियन (C-Section) या गर्भाशय की कोई सर्जरी हुई हो।
मल्टीपल प्रेगनेंसी: जिन महिलाओं की एक से ज्यादा डिलीवरी हुई हो।
3. इसके लक्षण (Symptoms) क्या हैं?
अगर आपको एडेनोमायोसिस है, तो आपको ये परेशानियां हो सकती हैं:
हैवी पीरियड्स (Heavy Bleeding): ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होना और लंबे समय तक चलना।
क्लॉट्स (Clots): पीरियड्स में खून के थक्के आना।
तेज दर्द (Severe Pain): पीरियड्स के दौरान या वैसे भी पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द रहना।
4. इसका पता कैसे चलता है? (Diagnosis)
डॉक्टर इसके लिए आमतौर पर सोनोग्राफी (Ultrasound) करवाते हैं। कभी-कभी स्थिति को बारीकी से समझने के लिए एमआरआई (MRI) की भी सलाह दी जा सकती है।
5. क्या इसका इलाज सिर्फ ऑपरेशन है? (Treatment)
बिल्कुल नहीं! डॉ. गौरी बताती हैं कि इलाज पूरी तरह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है:
दवाइयां: हार्मोन्स की दवाइयां (Hormonal Pills) और इंजेक्शन दर्द और ब्लीडिंग को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
Mirena (हार्मोनल कॉपर-टी): यह गर्भाशय के अंदर डाली जाती है जो लक्षणों को काफी हद तक कम करती है।
सर्जरी (Hysterectomy): अगर आपकी फैमिली पूरी हो चुकी है, उम्र 40 से ऊपर है और तकलीफ बहुत ज्यादा है, तभी डॉक्टर गर्भाशय निकालने (Hysterectomy) की सलाह देते हैं। यह आखिरी विकल्प होता है।
निष्कर्ष
डॉ. गौरी का संदेश है— “अगर रिपोर्ट में बच्चेदानी की सूजन आए, तो चिंता न करें। हमारे पास इसके लिए कई प्रभावी इलाज मौजूद हैं।”
बस सही समय पर अपने डॉक्टर से मिलें और सही सलाह लें।