Pregnancy After 30: Risks, Myths & Expert Tips by Dr. Gauri
30 के बाद प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं? डरें नहीं, बस इन बातों का ध्यान रखें – डॉ. गौरी जगदाळे
आजकल करियर गोल्स, शादी में देरी या व्यक्तिगत कारणों से कई महिलाएं 30 की उम्र के बाद माँ बनने का फैसला लेती हैं। लेकिन समाज में अक्सर यह डर फैलाया जाता है कि “30 के बाद माँ बनना बहुत मुश्किल है।”
क्या वाकई ऐसा है? डॉ. गौरी जगदाळे (Consultant Gynecologist & Obstetrician) का कहना है कि 30 के बाद प्रेगनेंसी प्लान करना बिल्कुल नॉर्मल है। मॉडर्न मेडिकल साइंस इतना आगे बढ़ चुका है कि थोड़ी सी प्लानिंग और केयर के साथ आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं।
आइए, इस वीडियो के आधार पर जानते हैं कि समाज के कौन से डर (Myths) गलत हैं और आपको असल में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
मिथक बनाम सच्चाई (Myths vs. Reality)
मिथक: 30 के बाद तो सिजेरियन डिलीवरी ही होगी। सच्चाई: यह बिल्कुल गलत है। आपकी डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन, यह आपकी उम्र से ज्यादा आपकी प्रेगनेंसी की स्थिति और बच्चे की पोजीशन पर निर्भर करता है। उम्र 30 हो या 25, नॉर्मल डिलीवरी संभव है।
मिथक: बच्चे में कोई न कोई खराबी (Defect) जरूर होगी। सच्चाई: ऐसा नहीं है कि 100% बच्चों में समस्या होगी। हाँ, 35 की उम्र के बाद थोड़ा रिस्क बढ़ता है, लेकिन अगर आप सही प्लानिंग और प्री-कंसेप्शनल (Pre-conceptional) केयर लेती हैं, तो इन समस्याओं का पता जल्दी लगाकर उन्हें मैनेज किया जा सकता है।
मिथक: 30 के बाद फर्टिलिटी जीरो हो जाती है। सच्चाई: फर्टिलिटी थोड़ी कम जरूर होती है, लेकिन जीरो नहीं होती। सही लाइफस्टाइल और फॉलिक्युलर स्टडी (Follicular Study) जैसी मदद से प्रेगनेंसी आसानी से प्लान की जा सकती है।
असल रिस्क क्या हैं? (Real Risks)
डॉ. गौरी बताती हैं कि मैं आपको डरा नहीं रही, लेकिन आपको सच्चाई पता होनी चाहिए ताकि आप सतर्क रहें:
एग क्वालिटी (Egg Quality): उम्र के साथ अंडे की गुणवत्ता थोड़ी प्रभावित हो सकती है।
मिसकैरेज (Miscarriage): अबॉर्शन का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
हेल्थ इश्यूज: प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज (Gestational Diabetes) या ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ने की संभावना रह सकती है।
लेकिन याद रखें: रेगुलर चेकअप से इन सब चीजों को कंट्रोल किया जा सकता है।
डॉक्टर की टिप्स: एक स्वस्थ प्रेगनेंसी के लिए
अगर आप 30+ हैं और बेबी प्लान कर रही हैं, तो डॉ. गौरी की ये टिप्स जरूर फॉलो करें:
प्री-कंसेप्शनल चेकअप (Pre-conceptional Checkup): प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले डॉक्टर से मिलें। अगर कोई पुरानी बीमारी या जेनेटिक हिस्ट्री है, तो उसका टेस्ट करवाएं।
फॉलिक एसिड (Folic Acid) शुरू करें: गर्भधारण की कोशिश करने से 3 महीने पहले फॉलिक एसिड की गोलियां शुरू कर दें। यह बच्चे में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स (दिमागी और रीढ़ की हड्डी के विकार) को रोकने में मदद करता है।
स्ट्रेस फ्री रहें: तनाव आपकी फर्टिलिटी का सबसे बड़ा दुश्मन है। योगा और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
वजन और डाइट: एक संतुलित आहार लें और अपना वजन (BMI) नॉर्मल रखें।
निष्कर्ष : डॉ. गौरी का संदेश साफ है— “प्रेगनेंसी आफ्टर 30 कोई समस्या नहीं है, बस इसमें थोड़ी ज्यादा प्लानिंग और केयर की जरूरत होती है।”
अपने शरीर पर भरोसा रखें और अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें। सुरक्षित मातृत्व (Safe Motherhood) हर उम्र में संभव है!
नोट: अधिक जानकारी और व्यक्तिगत सलाह के लिए आप वेदांत क्लिनिक में संपर्क कर सकती हैं या हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर सकती हैं।