गर्भावस्था का 8वां महीना: लक्षण, सावधानी और नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी
गर्भावस्था की तीसरी तिमाही (Third Trimester) का आठवां महीना एक बेहद ही भावुक और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यह वह समय है जब आप अपनी मंजिल के बेहद करीब होती हैं और आपके नन्हे मेहमान की हलचल पहले से कहीं ज्यादा तेज हो जाती है।
आज के इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि 8वें महीने में आपके शरीर और बच्चे में क्या बदलाव आते हैं और आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
आपके बच्चे का विकास (Baby’s Development)
आठवें महीने तक आते-आते आपका बच्चा दुनिया में आने के लिए लगभग तैयार हो चुका होता है।
वजन और आकार: इस महीने बच्चे का वजन लगभग 2 से 2.5 किलो के बीच हो जाता है।
पोजीशन (Cephalic Version): ज्यादातर मामलों में, बच्चा अपना सिर नीचे की ओर (Head-down position) करना शुरू कर देता है, जिसे नॉर्मल डिलीवरी के लिए शुभ संकेत माना जाता है।
तेजी से विकास: इस दौरान बच्चे के अंगों का विकास अपनी अंतिम प्रक्रिया में होता है।
शरीर में होने वाले सामान्य बदलाव और लक्षण
जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है, माँ के शरीर पर दबाव भी बढ़ता है। आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं:
पीठ दर्द और पैरों में सूजन: बढ़ते वजन के कारण पीठ में दर्द और पैरों में हल्की सूजन (Edema) होना सामान्य है।
सांस फूलना और अनिद्रा: गर्भाशय का आकार बढ़ने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत या नींद आने में परेशानी हो सकती है।
यूरिन की फ्रीक्वेंसी: बच्चा नीचे की तरफ खिसकने से ब्लैडर पर दबाव बढ़ता है, जिससे आपको बार-बार बाथरूम जाना पड़ सकता है।
ब्रैक्सटन हिक्स (Braxton Hicks): कभी-कभी आपको पेट में कड़ापन महसूस होगा। घबराएं नहीं, ये नकली संकुचन (False Labor) होते हैं जो शरीर को डिलीवरी के लिए तैयार करते हैं।
डॉक्टर की विजिट और जरूरी टेस्ट
8वें महीने से आपको हर हफ्ते डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इस दौरान डॉक्टर निम्नलिखित जांचें करते हैं:
ब्लड प्रेशर और ग्रोथ चेकअप: माँ का BP और बच्चे की धड़कन की नियमित जांच।
लैब टेस्ट: हीमोग्लोबिन, थायराइड और शुगर टेस्ट।
ग्रोथ स्कैन और डॉपलर: यह सबसे जरूरी है। इससे पता चलता है कि:
बच्चे का वजन कितना है?
प्लासेंटा (Placenta) की स्थिति क्या है?
एमनियोटिक फ्लूइड (बच्चे के आसपास का पानी) का स्तर ठीक है या नहीं?
बच्चे तक खून का बहाव सही से पहुंच रहा है या नहीं?
कब हो जाएं सावधान? (Warning Signs)
तीसरी तिमाही में कुछ लक्षण खतरे का संकेत हो सकते हैं। अगर आपको नीचे दी गई कोई भी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:
पेट का अत्यधिक कड़ा होना (प्री-टर्म लेबर का संकेत)।
ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होना।
पानी का रिसाव (Water breaking) होना।
बच्चे की हलचल कम महसूस होना (दिन में कम से कम 10-12 बार हलचल महसूस होनी चाहिए)।
डिलीवरी की तैयारी: हॉस्पिटल बैग और एक्सरसाइज
अब समय है अपनी “चेकलिस्ट” पूरी करने का:
हॉस्पिटल बैग: अपने सारे मेडिकल रिकॉर्ड्स, बच्चे के कपड़े, डायपर्स, अपने लिए आरामदायक कपड़े और फीडिंग का सामान अभी से पैक करके रखें।
हॉस्पिटल का चुनाव: अपने डॉक्टर से चर्चा करके डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल फाइनल कर लें।
व्यायाम (Exercise): नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ाने के लिए आप डक वॉक (Duck walk), सीट-अप्स या लेबर बॉल का इस्तेमाल कर सकती हैं।
नोट: कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
आठवां महीना जिम्मेदारी और सावधानी का महीना है। अपनी डाइट अच्छी रखें, खुश रहें और बच्चे की हलचल पर ध्यान दें। बहुत जल्द आप अपने बच्चे को अपनी बाहों में लेंगी!