प्रेगनेंसी का छठा महीना: लक्षण, सावधानी और जरूरी टेस्ट
गर्भावस्था का सफर किसी खूबसूरत कहानी से कम नहीं होता। ‘प्रेगनेंसी डायरीज’ के इस ब्लॉग में, आज हम बात करेंगे गर्भावस्था के छठे महीने (6th Month) की। यह आपकी दूसरी तिमाही (Second Trimester) का आखिरी महीना होता है, जो कई नए बदलाव और खुशियां लेकर आता है।
आइए जानते हैं कि इस महीने आपके और आपके बच्चे के शरीर में क्या-क्या बदलाव होते हैं।
1. कैसा है आपके नन्हे मुन्ने का हाल?
छठे महीने तक पहुँचते-पहुँचते आपका बच्चा अब काफी बड़ा हो गया है।
वजन और विकास: अब बच्चे का वजन लगभग 600 से 700 ग्राम के आसपास हो जाता है।
प्रतिक्रिया (Response): अब वह आपकी आवाज़ को सुनने लगा है और बाहर की रोशनी के प्रति रिस्पॉन्स भी देने लगा है।
हलचल: इस समय बच्चे की ‘किक’ (Kick) पहले से ज्यादा मजबूत महसूस होती है, जिससे आपको उसके एक्टिव होने का एहसास होता रहता है।
2. मां के शरीर में होने वाले बदलाव और लक्षण
जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है, आपके शरीर पर भी उसका असर दिखता है। इस महीने आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं:
पीठ दर्द (Backache): बढ़ते वजन के कारण पीठ में दर्द की शिकायत हो सकती है।
पैरों में सूजन: लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से पैरों में हल्की सूजन आ सकती है।
नींद की समस्या: पेट का आकार बढ़ने के कारण सही पोजीशन न मिल पाने से नींद आने में दिक्कत हो सकती है।
सांस फूलना: थोड़ा सा चलने या काम करने पर सांस फूलने जैसा महसूस हो सकता है।
3. जरूरी डॉक्टरी जांच और टेस्ट (Checkups & Tests)
छठे महीने में डॉक्टर के पास जाना बहुत जरूरी है। इस दौरान डॉक्टर निम्नलिखित जांचें कर सकते हैं:
नियमित जांच: ब्लड प्रेशर और बच्चे की ग्रोथ की मॉनिटरिंग।
लैब टेस्ट: हीमोग्लोबिन, थायराइड और सबसे जरूरी ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (GTT)। इससे यह पता चलता है कि आपको प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज (Gestational Diabetes) का खतरा तो नहीं है।
फीटल 2D इको (Fetal 2D Echo): यह एक महत्वपूर्ण टेस्ट है जिससे बच्चे के दिल (Heart) की सेहत की बारीकी से जांच की जाती है।
4. खान-पान का रखें खास ख्याल
एक स्वस्थ बच्चे के लिए सही पोषण बहुत जरूरी है:
आहार: अपनी डाइट में ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
सप्लीमेंट्स: डॉक्टर द्वारा दी गई कैल्शियम और आयरन की गोलियां समय पर लें। साथ ही, प्रोटीन पाउडर और DHA सप्लीमेंट्स लेना न भूलें।
5. बच्चे के साथ बनाएं ‘इमोशनल बॉन्डिंग’
क्या आप जानते हैं कि छठा महीना बच्चे से रिश्ता जोड़ने का सबसे अच्छा समय है?
बातें करें: आपका बच्चा आपकी बातें सुन सकता है, इसलिए उससे बातें करें।
कहानियां सुनाएं: उसे अच्छी कहानियां सुनाएं या उसके भविष्य और नाम के बारे में चर्चा करें। इससे आपके और बच्चे के बीच का बंधन (Bonding) और गहरा होगा।
निष्कर्ष
छठा महीना खत्म होने के साथ ही आपकी दूसरी तिमाही भी पूरी हो जाती है। अब आप प्रेगनेंसी के आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ने वाले हैं। खुद का ख्याल रखें, खुश रहें और अपनों के साथ इस समय का आनंद लें।